Sri Rajendra Singh

दोस्तो, मुझे ऐसा लगता है कि पूर्णप्रमति जैसा शिक्षा संस्थान इस देश को आज जरूरत है, जो भारतीय आस्था और सृष्टि की रक्षा करनेवालों को सम्मान देने का संस्कार पैदा करती है। मैं ने आज पूर्णप्रमति के इस वार्षिक अवसर पर आकर, बच्चों  की शिक्षा, संस्कार, व्यवहार, और अपने अन्दर की कौशल को दूसरों को दिखाके, सिखाने की शक्ती देख के मुझे हमारा उज्वल भविष्य, हमारा common future चमकता हुआ दिखता है ।

मैं बहुत तल्लीनता से इस मंच पर जो भी दिखाया बच्चों ने, उसके बहुत सारी dimensions, बहुत सारी पक्ष देख रह था । बहुत सारी आयामा को तलाश रहा था । इस बच्चे, बडे बनकर, कौनसी रास्ता चुनेंगे ? ये बच्चे बडे बनकर क्या करेंगे इस देश के लिये ? मुझे लगा कि इस बच्चे, एक तरह भारतीय ज्ञानतन्त्र को अपने व्यवहार में अपनी संस्कार में, अपनी समझ से, अपनी शक्ति से  अपनि जीने का रास्ता, जीने की पद्धती और उस जीने की पद्धती में दुबारा भारत को global teacher बनायेंगे।  भारत को  global teacher बनाने का यही रास्ता मुझे दिखता हे ।

–    Sri Rajendra Singh, Waterman of India,

Ramon Magsaysay Awardee
(On being honored with Purnapramati Samman 2012)

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pūrṇapramati is recruiting teachers

pūrṇapramati is recruiting dedicated research oriented teachers for 1 to 10 grades and pre-primary Montessori.

 

Registration is open for the next academic year

Purnapramati opens its registration for the next academic year, June 2017-18. Applications will be issued from 26th October onwards. Kindly help spread the word to interested parents.

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